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जनवरी में होने वाली मेगा लॉजिस्टिक्‍स बैठक में भाग लेगें 20 से अधिक देश

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नई दिल्ली । नई दिल्‍ली में आज केन्‍द्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग और नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने लॉजिक्‍स इंडिया २०१९ के प्रतीक चिन्‍ह (लोगो) के साथ-साथ उसकी विवरण पुस्तिका (ब्रोशर) भी जारी की। वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि‍ अब भारत को भी दुनिया की सबसे तेजी से विकास कर रही अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शुमार किया जाता है। उन्‍होंने कहा कि भारत इसके साथ ही पूरी दुनिया के देशों के साथ बेहतर लॉजिस्टिक्‍स संपर्क कायम करने में जुटा हुआ है। सुरेश प्रभु ने कहा कि लॉजिक्‍स इंडिया कारगर या प्रभावकारी अंतर्राष्‍ट्रीय व्‍यापार लॉजिस्टिक्‍स सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही लॉजिक्‍स इंडिया उन वस्‍तुओं का दक्ष एवं किफायती प्रवाह सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगी जिन पर अन्‍य वाणिज्यिक क्षेत्र निर्भर रहते हैं। श्री प्रभु ने न केवल भारत की निर्यात टोकरी (बास्‍केट), बल्कि संबंधित उत्‍पादों एवं देशों में भी विविधता लाने का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि भारत द्वारा अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्‍य एशिया, मध्‍य-पूर्व एवं आसियान के देशों के साथ और ज्‍यादा मजबूत व्‍यापार संबंध बनाना अत्‍यंत जरूरी है। श्री प्रभु ने यह बात रेखांकित की है कि लॉजिस्टिक्‍स को आयात-निर्यात (एक्जिम) व्‍यापार की रीढ़ माना जाता है और इसने कारोबार के अवसरों के साथ-साथ रोजगार भी सृजित किए हैं। लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए मंत्रालय एकीकृत लॉजिस्टिक्‍स रणनीति पर काम कर रहा है। चूंकि विकसित देशों की तुलना में भारत में लॉजिस्टिक्‍स लागत अत्‍यंत ज्‍यादा है, इसलिए इस बात को ध्यान में रखते हुए लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र के एकीकृत विकास की जरूरत पिछले कुछ समय से महसूस की जा रही थी। लॉजिस्टिक्‍स की लागत ज्‍यादा होने के कारण घरेलू और निर्यात दोनों ही बाजारों में भारतीय वस्‍तुओं की प्रतिस्‍पर्धी क्षमता घट जाती है। लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र का आकार मौजूदा ११५ अरब अमेरिकी डॉलर से काफी बढ़कर वर्ष २०३२ तक ३६० अरब अमेरिकी डॉलर के स्‍तर पर पहुंच जाने की संभावना है। भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के बढ़ते भूमंडलीकरण, ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत विनिर्माण पर नए सिरे से विशेष जोर देने और ई-कॉमर्स व्‍यवसाय के विकास को ध्‍यान में रखने पर ऐसा प्रतीत होता है कि भारत के लॉजिस्टिक्‍स क्षेत्र में काफी तेजी से विकास होगा। सुरेश प्रभु ने कहा कि लॉजिक्‍स इंडिया एक उल्‍लेखनीय आयोजन है और इसका आयोजन हर साल किया जाना चाहिए।

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