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दिल्ली सरकार को एनजीटी की फटकार, नक्शे के साथ दक्षिणी रिज की जानकारी दाखिल करने के निर्देश

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नई दिल्ली, । नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल(एनजीटी) ने दिल्ली के वनक्षेत्र दक्षिणी रिज की वन भूमि के अतिक्रमण की सही तस्वीर पेश नहीं करने पर फटकार लगाई है। जस्टिस एस. रघुवेंद्र राठौड़ की बेंच ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वे दक्षिणी रिज की विस्तृत जानकारी के साथ नक्शे की कॉपी दाखिल करें। एनजीटी ने चेतावनी दी कि अगर सुनवाई की अगली तिथि से तीन दिन पहले विस्तृत नक्शा दाखिल नहीं किया गया तो वे राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कड़े आदेश जारी कर सकता है। मामले की अगली सुनवाई 5 अप्रैल को होगी। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने दिल्ली के राजस्व सचिव को निर्देश दिया कि वे दूसरे संबंधित अफसरों के साथ बैठक कर वन क्षेत्र का नक्शा तैयार करें जिसमें वन भूमि के अतिक्रमण की पूरी जानकारी हो। एनजीटी ने कहा कि नक्शा तैयार करने के दौरान भूमि का खसरा नंबर और उसे अलॉट करने की तिथि तथा रकबे का उल्लेख करना होगा। इसमें यह भी बताना होगा कि वन भूमि का अलॉटमेंट सही तरीके से हुआ था या नहीं। आज दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने जो नक्शा एनजीटी के समक्ष पेश किया उस पर न तो राजस्व विभाग के अधिकारियों के हस्ताक्षर थे और न ही मुहर लगे थे। नक्शे में अलग-अलग इलाकों के लिए अलग-अलग रंगों का इस्तेमाल भी नहीं किया गया था। इससे एनजीटी नाराज हो गई और राजस्व विभाग को फटकार लगाई। एनजीटी ने कहा कि ये हमें बताना पड़ेगा कि नक्शा कैसे बनाया जाता है। पिछले 31 जनवरी को एनजीटी ने दक्षिणी रिज के सीमांकन के लिए हर बार अलग-अलग समय की मांग करने पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। जस्टिस एस. रघुवेंद्र राठौड़ ने कहा था कि आप तमाशा बंद कीजिए। सही सूचना दीजिए। बताइए कि रिज के सीमांकन तय करने में कितना समय लगेगा। पिछले 16 जनवरी को दक्षिणी रिज के सीमांकन में देरी के कारणों को जानने के लिए दिल्ली सरकार के प्रधान वन संरक्षक को तलब किया था। 19 दिसंबर,2018 को प्रधान वन संरक्षक ने एनजीटी को बताया था कि राजस्व विभाग ने अपना काम पूरा नहीं किया है। इसके बाद एनजीटी ने दिल्ली के राजस्व विभाग के सचिव और प्रधान वन संरक्षक दोनों को तलब करने का आदेश जारी किया था। एनजीटी सौन्या घोष की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में कहा गया है कि दक्षिणी रिज के फॉरेस्ट लैंड का अतिक्रमण किया जा रहा है। इस पर एनजीटी ने दक्षिणी रिज के सीमांकन में लापरवाही बरतने के लिए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि रिज के सीमांकन में कितना समय लगेगा। आप जल्द सीमांकन करें। एनजीटी ने चेतावनी दी थी कि अगर सीमांकन जल्द नहीं किया गया तो हम वन विभाग और राजस्व विभाग पर दो-दो लाख का जुर्माना लगाएंगे।

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