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पद्म पुरस्कार समारोह में नहीं पहुंचीं 8 हस्तियां

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नई दिल्ली, । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को एक पद्म विभूषण, आठ पद्म भूषण और 46 लोगों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मनित किया। हालांकि राष्ट्रपति भवन में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में आठ लोग अनुपस्थित रहे। पुरस्कार वितरण समारोह में पद्म विभूषण के लिए महाराष्ट्र के प्रसिद्ध रंगमंच के व्यक्तित्व और इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे उर्फ बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे के अलावा सात पद्मश्री से सम्मानित होने वाली हस्तियां गैर-हाजिर रहीं। इनमें कनाडा के कादर खान(मरणोपरांत) को (कला), गुजरात की ज्योति मानशंकर(कला), त्रिपुरा के थंगा दरलोंग(कला), अमेरिका के डॉ सुभाष काक(विज्ञान और इंजीनियरिंग), उत्तर प्रदेश के रमेश बाबा महाराज(सामाज सेवा), फ्रांस की मिलिना साल्विनी (कला), गुजरात के पत्रकार नागिदास संघवी(साहित्य और शिक्षा) सहित कुल सात लोग अनुपस्थित रहे। पद्म विभूषण (1) महाराष्ट्र के प्रसिद्ध रंगमंच के व्यक्तित्व और इतिहासकार बाबासाहेब पुरंदरे उर्फ बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे। पद्म भूषण (8) अमेरिका के जॉन चेम्बर्स को व्यापार और उद्योग के लिए, पंजाब के सरदार सुखदेव सिंह ढींडसा को समाज सेवा, दक्षिण अफ्रीका के प्रवीण जमनादास गोरधन को समाज सेवा, केरल के विश्वनाथन मोहनलाल को कला क्षेत्र, पश्चिम बंगाल के बुधादित्य मुखर्जी को कला, झारखंड के करिया मुंडा को समाज सेवा, दिल्ली से पत्रकार कुलदीप नय्यर(मरणोपरांत) को साहित्य और शिक्षा क्षेत्र और बिहार के हुकुमदेव नारायण यादव को समाज सेवा के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया। पद्मश्री (46) शरत कमल, खेल(टेबल टेनिस), तमिलनाडु; बंगारू आदिगलर, अध्यात्मवाद, तमिलनाडु; प्रो. इलियास अली, चिकित्सा, असम; प्रो. दिलीप कुमार चक्रवर्ती, पुरातत्व, दिल्ली; डॉ मम्मीन चांडी, चिकित्सा, पश्चिम बंगाल; मुक्ताबेन पंकज कुमार दागली, सामाजिक कार्य, गुजरात; बाबूलाल दहिया, कृषि, मध्य प्रदेश; थांगा डारलोंग, कला (संगीत, बांसुरी) त्रिपुरा; प्रभु देवा, कला, तमिलनाडु; भागीरथी देवी, सार्वजनिक मामलों, बिहार; डॉ बलदेव सिंह ढिल्लों, विज्ञान और इंजीनियरिंग, पंजाब; हरिका द्रोणावल्ली, खेल, आंध्र प्रदेश; प्रो संदीप गुलेरिया, चिकित्सा, दिल्ली; डॉ पी.एस. हार्डिया, चिकित्सा, मध्य प्रदेश; बुलू इमाम, सामाजिक कार्य, झारखंड; डॉ सुब्रह्मण्यम जयशंकर, सिविल सेवा, दिल्ली; कदामपुत्रमादोम गोपालन थन्थरी जयन, कला, केरल; अमेरिका, डॉ रजनी कांत, सामाजिक कार्य, उत्तर प्रदेश; प्रो वामन केंद्रे, कला, महाराष्ट्र; रवींद्र देवराओ कोल्हे और डॉ स्मिता रवींद्र कोल्हे(जोड़ी), चिकित्सा, महाराष्ट्र; राज कुमारी, कृषि, बिहार; वल्लभभाई वासराभाई मारवानिया, कृषि, गुजरात; प्रो शादाब मोहम्मद, चिकित्सा, उत्तर प्रदेश; प्रो.(डॉ) श्यामा प्रसाद मुखर्जी, चिकित्सा, झारखंड; शंकर महादेवन नारायण, कला, महाराष्ट्र; शांतनु नारायण, व्यापार और उद्योग, अमेरिका; जगदीश प्रसाद पारीक, कृषि, राजस्थान; डॉ बिमल हसमुख पटेल, आर्किटेक्चर, गुजरात; गणपत आई पटेल, साहित्य और शिक्षा, अमेरिका; बजरंग पुनिया, खेल, हरियाणा; डॉ आर.वी. रमानी, चिकित्सा, तमिलनाडु; यदलापल्ली वेंकटेश्वर राव, कृषि, आंध्र प्रदेश; महेश शर्मा, सामाजिक कार्य, मध्य प्रदेश; नरेंद्र सिंह, पशुपालन, हरियाणा; आनंदन शिवमणि, कला, तमिलनाडु; ब्रह्मश्री विशुद्धानंद स्वामी, अध्यात्मवाद, केरल; अजय ठाकुर, खेल, हिमाचल प्रदेश; जमुना टुडू, सामाजिक कार्य, झारखंड; राम शरण वर्मा, कृषि, उत्तर प्रदेश मौजूद रहे। इसके अलावा कनाडा के कादर खान (मरणोपरांत) को (कला), गुजरात की ज्योति मानशंकर (कला), त्रिपुरा के थंगा दरलोंग (कला), अमेरिका के डॉ. सुभाष काक (विज्ञान और इंजीनियरिंग), उत्तर प्रदेश के रमेश बाबा महाराज (सामाज सेवा), फ्रांस की मिलिना साल्विनी (कला), गुजरात के पत्रकार नागिदास संघवी (साहित्य और शिक्षा) सहित कुल सात लोग अनुपस्थित रहे। केंद्र सरकार ने 26 जनवरी को प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए कुल 112 नामों की घोषणा की थी। इन पुरस्कार विजेताओं के पहले समूह को आज यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में आमंत्रित किया गया था। पुरस्कार विजेताओं के दूसरे समूह को पुरस्कारों प्रदान करने के लिए दूसरा समारोह 16 मार्च को आयोजित होगा।

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