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राजस्थान वित्त निगम का 65 वां स्थापना दिवस समारोह - प्रतिस्पर्धा के अनुसार नवाचारों को अपनाए निगम

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जयपुर, । मुख्य सचिव श्री डी. बी गुप्ता ने कहा कि राजस्थान वित्त निगम प्रतिस्पर्धा के वर्तमान दौर में नवाचारों को अपनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जिससे राजस्थान आर्थिक विकास की दिशा में उत्तरोतर वृद्वि कर सकें। श्री गुप्ता बुधवार को ओटीएस में राजस्थान वित्त निगम के 65 वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्योगों को टर्म लोन, सॉफ्ट लॉन सहित विभिन्न ऋणों की आवश्यकता रहती है, इन्हीं आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए राजस्थान वित्त निगम का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि निगम का यह प्रयास रहना चाहिए कि कैसे नया उद्यमी पनपें, उसे समय पर ऋण मिलें तथा पुराने उद्यमी को विस्तार की सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से निगम हानि की स्थिति से उबर कर लाभ की स्थिति में आ चुका है तथा इस सफर में मूल्यों, मानक, ग्राहक सेवा तथा बदलने का प्रयास भी समय- समय पर किया गया है। अपने उद्बोधन में श्री गुप्ता ने कहा कि स्टार्ट- अप नीति में ऋण, बीमार औद्योगिक इकाइयों को पुनर्जीवित करना तथा पुरानी योजनाओं को विस्तार करने में भी निगम की अहम भूमिका रहती है। श्री गुप्ता ने बताया कि निगम को सेवा क्षेत्र, महिलाओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति को ऋण देने में प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सिंगल विन्डो कानून के माध्यम से उद्यमी अपनी सभी समस्याओं का हल एक ही जगह पर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि निगम को औद्योगिक ऋणों में वन टाइम सेटलमेंट की दिशा में कार्य करना चाहिए साथ ही नियमों को व्यवहारिक भी बनाना चाहिए। कार्यकम में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त तथा निगम के अध्यक्ष श्री निरंजन कुमार आर्य ने बताया कि निगम को व्यापारी की अपेक्षाओं तथा निगम की सीमाओं मे सन्तुलन करके आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में उद्योगों को बढ़ाने तथा आर्थिक विकास की यात्रा में निगम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश को एक ऎसे तन्त्र की आवश्यकता है जो व्यापारियों के लिए उचित हो तथा सरकार के लिए सुरक्षित हो। इस अवसर पर निगम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली शाखा-प्रबंधकों, अधिकारियों तथा समय पर ऋण का भुगतान करने वाले उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में निगम का फोल्डर विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उद्यमियों द्वारा निगम के साथ अपने अनुभव साझा किये तथा अपनी परेशानियां एवं सुझाव बताये गये, जिस पर निगम के अध्यक्ष ने यह सुनिश्चित किया कि निगम अपनी नीतियों में बदलाव करके उनकी सभी समस्याओं का हल करेगा। इस अवसर पर उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुबोध अग्रवाल, रीको के प्रबंध निदेशक श्री गौरव गोयल, राजस्थान वित्त निगम की प्रबंध निदेशक श्रीमती उर्मिला राजोरिया सहित निगम के अधिकारी, कर्मचारी, फिक्की तथा भारतीय उद्योग परिसंघ के प्रतिनिधि, सहित विभिन्न उद्यमी मौजूद थे

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